कब्ज की परेशानी बहुत आम बात है, तकरीबन हर उम्र के लोगों को कब्ज (Kabj) की समस्या हो सकती हैं। खाना खाने के बाद ज्यादा समय तक बैठे रहना या गलत खान-पान और सुस्त जीवनशैली के कारण से कब्ज जैसी गंभीर समस्या होने लगती है।
बहुत सारे लोग कब्ज और इसके गंभीर लक्षणों से पीड़ित रहते हैं। कब्ज की समस्या को लोग गंभीरता से नहीं लेते हैं, और इसी वजह से उन्हें लंबे समय बाद बवासीर, मोटापा, थकान और कमजोरी जैसी कई गंभीर स्वास्थ्य से संबंधित समस्याओं का सामना करना पड़ता है। लेकिन आप आसान तरीके से घर पर भी Kabj ka ilaj कर सकते हैं।
कब्ज के कारण पाचन क्रिया भी बिगड़ने लगती है, कब्ज की वजह से व्यक्ति के जीवन की गुणवत्ता प्रभावित होने लगती है।कब्ज के कारण स्टूल काफी हार्ड हो जाता है, और कब्ज की समस्या के कारण मल त्यागने के लिए ज्यादा जोर लगाना पड़ता है, घण्टों बैठे रहना पड़ता है।
इतना ही नहीं आदमी को बहुत सोच-समझकर खाना-पीना पड़ता है। स्थिति ज्यादा खराब होने पर Kabj Ki Dava खाने की जरूरत पड़ जाती है, लेकिन कई बार दवाओं से भी राहत नहीं मिलती है। ऐसे में वह कुछ घरेलू उपचार को अपनाने से कब्ज की परेशानी को आसानी से दूर कर सकते हैं। Kabj Ke Upay जानने से पहले जान लेते हैं कब्ज क्या है?
कब्ज क्या होता है (Kabj Kya Hota Hai)
जब सप्ताह में दो से तीन बार सिर्फ कम मल त्याग होता हैं, इस स्थिति को कब्ज कहते हैं। किसी भी उम्र के व्यक्ति को कब्ज की समस्या हो सकती है, लेकिन ज्यादातर मामलों में यह अधेड़ उम्र के लोगों को यह समस्या होती है।
कब्ज होने पर मल को त्यागने में काफी कठिनाई होती है, जिस कारण पेट पूरी तरह साफ नहीं हो पाता। कुछ लोगों को कब्ज की शिकायत कुछ ही दिनों के लिए होती है, लेकिन कुछ लोगों के लिए कब्ज क्रोनिक यानी पुरानी भी हो सकती है।
कब्ज के लक्षण (Kabj Ke Lakshan)
- कब्ज की समस्या होने पर मल काफी सख्त हो जाता है, जिसकी वजह से मल त्याग करने में काफी कठिनाई होती है।
- पेट में गैस, पेट दर्द, पेट फूलना कब्ज के बड़े लक्षण (Constipation Symptoms) है।
- कब्ज होने पर भूख कम लगती है, साथ ही उल्टी और मतली की स्थिति बनी रहती है।
- कब्ज से पीड़ित लोगों की जीभ सफेद या मटमैली हो जाती है, और मुंह से बदबू आने लगती है। साथ की मुंह का स्वाद भी खराब होने लगता है।
- कब्ज की परेशानी होने पर सर दर्द और चक्कर आने जैसी समस्या होने लगती है।
- कब्ज होने पर मुंह में छाले और चेहरे पर कील मुंहासे होने लगते हैं।
- कब्ज की स्थिति में हाजमा खराब होने लगता है, जिस कारण खाना पचने में काफी कठिनाई होती है।
- आंखों में जलन, शरीर में कमजोरी महसूस होना यह भी कब्ज के लक्षण होते हैं।
कब्ज के प्रकार (Kabj Ke Prakar)
गंभीर कब्ज [Serious Constipation]: इस प्रकार की कब्ज़ काफी खतरनाक होता है, जैसा इसके नाम में ही गंभीर शब्द है। गंभीर कब्ज की समस्या में मल निकलना बिलकुल बंद हो जाता है। गंभीर कब्ज़ के नाम में ही “गंभीर” है क्युकी इस स्थिति में पेट से गैस भी नहीं निकलती है। गंभीर कब्ज होने की स्थिति में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। परेशानी की बात तो यह है कि इस प्रकार के कब्ज़ में गैस तक निकलना बंद हो जाती है। जिन लोगो को गंभीर कब्ज़ के लक्षण दिखे तो जल्द से जल्द डॉक्टर से जरूर मिलें।
पुरानी कब्ज़ [Chronic Constipation]: पुरानी कब्ज़ में मल निकलता भी है तो बहुत ही मुश्किल से और वो भी बहुत थोड़ी मात्रा में। क्योंकि मल बहुत सख्त हो जाता है, जिस कारण मल निकलने में तकलीफ होने लगती है। जिन लोगों को पुरानी कब्ज़ की समस्या होती है, उन्हें मल त्याग के बाद कभी संतुष्टि नहीं होती है।
कब्ज का इलाज (Kabj ka ilaj)
रोजाना पिए पानी -
कब्ज के घरेलू उपचार के लिए रोजाना भरपूर मात्रा में पानी पीना चाहिए। आपको रोजाना सात से आठ गिलास पानी जरूर पीना चाहिए। यह शरीर को हाइड्रेट रखने का काम करता है। यह सबसे आसान और सरल उपाय है
घी और दुध -
खाने में घी जैसे गुड फैट को शामिल करना कब्ज की समस्या से राहत पाने का सबसे बढ़िया और कारगर उपाय है। इसके लिए रोजाना सोने से पहले एक गिलास दूध में आधा चम्मच घी डालकर इसका सेवन करना चाहिए। कब्ज में दुध भी फायदेमंद होता है
कब्ज से छुटकारा दिलाए ओटमेल -
ओटमेल को अधुलनशील और घुलनशील फाइबर का काफी अच्छा स्रोत माना जाता है। अघुलनशील फाइबर मल को ढीला करने मे सहायता करता है, और पेट और आंतों के माध्यम से भोजन को अधिक तेजी से पारित करने का काम करता है। जबकि घुलनशील फाइबर पानी में घुलकर एक जेल जैसी सामग्री बनाता है। इस तरह दोनो प्रकार के फाइबर एक साथ मिलकर मल को नरम करने का काम करते हैं और मल त्याग को आसान बनाते हैं। कब्ज की समस्या से बचने के लिए ओटमेल को आहार में जरूर शामिल करना चाहिए।
अजवाइन और जीरे से कब्ज का इलाज -
अजवाइन और जीरे को हल्की आंच पर भून कर पीस लें। इसमें काला नमक डालकर तीनों को समान मात्रा में मिला कर हवा बंद डब्बे मे रख लें। और इसका सेवन गुनगुने पानी के साथ करें।
शहद है लाभकारी -
कब्ज की समस्या होने पर शाहद काफी उपयोगी माना जाता है। इसके लिए रोजाना एक गिलास गुनगुने पानी में एक चम्मच शहद डालकर इसका सेवन करना चाहिए। इसके नियमित सेवन से कब्ज की परेशानी से जल्द ही छुटकारा मिल जाता है
तिल का तेल -
तिल का तेल वात को बैलेंस करने का काम करता है। नाभि पर थोड़ा हल्का सा गुनगुना तिल का तेल लगाएं और 10 से 15 सेकेंड के लिए सर्कुलर मोशन में हल्के हाथों से मसाज करें, इससे भी कब्ज की समस्या से छुटकारा मिलता है।
अपनी जीवन शैली में करें बदलाव -
कब्ज की समस्या से छुटकारा पाने के लिए अपनी जीवनशैली में बदलाव करना काफी जरूरी है। जैसे रोजाना रात को खाना खाने के बाद कम से कम 500 से 1000 कदम चलना चाहिए।इससे खाना आसानी से पच जाता है और तमाकू, शराब का सेवन करने से परहेज करना चाहिए।
बेल -
बेल भी कब्ज को ठीक करने के लिए बहुत फायदेमंद है। आधा कप बेल का गूदा ले उसमें थोड़ा सा गुड़ मिलाकर शाम के समय भोजन से पहले खा लें।
मुलेठी दिलाए कब्ज से राहत -
मुलेठी कब्ज की परेशानी दूर करने में बहुत कारगर है। एक चम्मच मुलेठी का पाउडर ओर एक चम्मच गुड़ मिलाकर खाने से पेट को काफी आराम मिलता है, कब्ज की समस्या ठीक करने का सबसे सरल तरीका है।
अदरक की चाय -
रात को खाना खाने के बाद एक कप अदरक की चाय बनाएं और उसमें एक से दो चम्मच कैस्टर ऑयल मिलाएं। कैस्टर ऑयल कब्ज की परेशानी को दूर करने में साबित होता है, क्योंकि यह एक हल्का लेक्सेटिव होता है।
कब्ज के लिए योगासन (Kabj Ke Liye Yoga)
- पवनमुक्तासन
- हलासन
- मयूरासन
- वज्रासन
- सुप्त बुद्धकोणासन
- बालासन
कब्ज के लिए उच्च फाइबर फल (Kabj Ke Lie Uchch Fibar Fal)
पपीता
पपीते में मौजूद पेपेन एंजाइम (papain enzyme) प्रोटीन को पचाने में आसान बनाता है। पपीते को लोग कब्ज और इर्रिटेबिल बोवेल सिंड्रोम (irritable bowel syndrome) जैसी अन्य लक्षणों के लिए एक कारगर उपाय मानते हैं। एक रिसर्च के मुताबिक 35 से 40 दिनों के लिए पपीता को अपने आहार में शामिल करने वाले लोगों में कब्ज में महत्वपूर्ण सुधार देखा गया था।
कीवी
इस फल में लगभग 2.5 ग्राम फाइबर पाया जाता है। इसके अलावा कीवी फल में पर्याप्त मात्रा में विटामिन और अन्य पोषक तत्व भी मौजूद होते हैं, जो आंतों को स्वस्थ्य रखने का काम करते हैं। अधिकत फलों की तरह कीवी खाद्य फल होते हैं। अध्ययन के मुताबिक कीवी का नियमित सेवन करने से मल त्याग आसानी हो जाती है। शोधकर्ताओं का मानना है कि कब्ज के दौरान एक दिन में दो कीवी का खाने से कब्ज से राहत दिला सकता है।
अंगूर है फायदेमंद
अंगूर काफी रसीला फल है, अंगूर प्राकृतिक मिठास से भरा होता है। यह बॉडी को हाइड्रेट करने, ऊर्जा देने और कमजोरी को दूर करने में मदद करता है। इसके सेवन से अंदरूनी अंगो को तुरंत एनर्जी मिलती है और इसके साथ ही अंगूर का असर कब्ज की समस्या को दूर करने में भी दिखाई देता है।
नाशपाती है कारगर
नाशपाती सेहत के लिए काफी लाभकारी है। इसमें मौजूद पेक्टिन नामक तत्व पेट को साफ़ रखने में कारगर होते हैं। आप नाशपाती के साथ-साथ इसके जूस भी पी सकते हैं। ये पेट को साफ़ और अलका रखने का काम करता है। कब्ज, अपच, पेट दर्द जैसी समस्याओं मे भी नाशपाती का रोजाना सेवन लाभदायक साबित हो सकता है।
एलोवेरा का जूस
एलोवेरा जूस में फाइबर भरपूर होता है। एलोवेरा में कुछ ऐसे गुण पाए जाते हैं, पेट की सफाई के लिए मददगार साबित होते हैं। अगर आप कब्ज की समस्या परेशान हैं, तो एलोवेरा जूस लगभग 56 ग्राम से शुरु करें और धीरे-धीरे यह मात्रा 224 ग्राम तक ले जाएं। यह कब्ज की परेशानी से छुटकारा दिलाने में मददगार होता है।
नींबू पानी है फायदेमंद
नींबू सेहत के लिए काफी लाभकारी होता है। पाचन तंत्र के लिए नींबू का रस अनेक फायदे है। नींबू का रस बॉडी से विषाक्त तत्व बाहर निकालने का काम करता है। और आँतो को मजबूत करके कब्ज की परेशानी से छुटकारा दिलाने का काम करता है। इसके लिए नींबू पानी का नियमित रूप से सेवन करने से कब्ज से छुटकारा पाया जा सकता है।
कब्ज का परमानेंट इलाज सुखा हुआ आलूबुखारा
रात को सोने से पहले 5-6 सूखा आलूबुखारा को पानी में भिगोकर रख दें। सुबह उठने के बाद सबसे पहले खाली पेट इन्हें खाएं और बचा हुआ पानी भी पी लें। इससे आपको कई फायदे हो सकते हैं।
टमाटर
टमाटर खाने से आंतों की सफाई होती है। और गैस, कब्ज, अपच जैसी समस्या दूर होती है। साथ ही पाचन तंत्र मजबूत होता है। इसके लिए अच्छे पके हुए लाल टमाटर को भूनकर उसके ऊपर काली मिर्च, नमक मौसम अनुसार पुदीना और अदरक मिलाकर इसका सेवन करें।
कॉन्स्टिपेशन डाइट प्लान (Constipation Diet Plan)
| समय | आहार |
|---|---|
| सुबह उठने के बाद 6:00 से 7:00 बजे | एक गिलास गुनगुना पानी या गिलास नींबू पानी जो आप एक कप लेमन टी पी सकते हैं |
| सुबह का नाश्ता और 8:00 से 9:00 बजे | एक कप दूध के साथ ओट्स या दलिया, दो से तीन ब्राउन ब्रेड, तीन रोटी, एक अंडान एक कटोरी दही |
| ब्रंच 10:00 से11:00 बजे | एक कटोरी स्पाउट्स या फ्रूट चार्ट |
| दोपहर का खाना 1:00 से 2:00 बजे | एक कटोरी पकी सब्जियां, वेज रायता दो से तीन फाइबर युक्त रोटियां, सलाद |
| शाम को 4:00 से 5:00 बजे | मिक्स फलों का एक गिलास जूस या ब्लैक टी या ग्रीन टी |
| रात का खाना 8:00 से 9:00 बजे | एक पक्की हुई हरी सब्जी की कटोरी दो से तीन रोटियां सलाद साथ में एक टुकड़ा गुड़ |
| सोने से पहले 9:30 | एक गिलास दूध में एक चम्मच देसी घी डालकर इसका सेवन करें |
कब्ज में परहेज (Kabj Me Parhej)
प्रोसेस्ड फूड से करें परहेज : व्हाइट ब्रेड, व्हाइट पास्ता व्हाइट चावल में पोषक तत्व बहुत कम मात्रा में होते हैं। इन्हें खाने से कब्ज की परेशानी ज्यादा बढ़ सकती है।
अल्कोहल का सेवन ना करें : शराब पीने से भी कब्ज की परेशानी होने लगती है। अधिक मात्रा में शराब पीने से पेशाब के रूप में पानी शरीर से बहुत ज्यादा मात्रा में बाहर निकल जाता है, जिस कारण बॉडी में पानी की कमी होने लगती है। पानी की कमी होने से कब्ज की समस्या होती है। इसलिए शराब का सेवन नहीं करना चाहिए।
रेड मीट : लाल मांस कब्ज की परेशानी को बढ़ावा नहीं देता है। यह तब नुकसानदायक होता है, जब इसे रोज खाते हैं। और यह आहार में फाइबर की जगह ले लेता है। इसके अलावा जब आप बहुत अधिक मात्रा में लाल मांस ओ सेवन करते हैं, तो हमेशा पेट भरा हुआ महसूस होता है। इसलिए यह भी एक कब्ज का कारण हो सकता है।
जंक फूड : आज के समय में बिजी लाइफ होने के कारण ज्यादातर लोग बाहर से ही जंक फूड जैसे बर्गर, न्यूडल्स, स्प्रिंग रोल खा लेते हैं। यह जंक फूड काफी देर बाद पचते हैं, इससे डाइजेस्टिव सिस्टम को भी नुकसान होने का खतरा बना रहता है। इससे कॉन्स्टिपेशन की भी समस्या हो सकती है।
कब्ज क्यों होता है (Kabj Kyu Hota Hai)
- मैदा से बने उत्पादों का ज्यादा मात्रा में सेवन करना
- रोजाना कम पानी पीना
- समय पर खाना ना खाना
- रात को ज्यादा देर तक जागते रहना
- तेल में तली हुई चीजों का ज्यादा मात्रा में सेवन करना
- फाइबर युक्त भोजन ना करना
- शराब तंबाकू का अधिकतम सेवन करना
- अपने आहार में ज्यादा मात्रा में मास का सेवन करना
- जल्दी-जल्दी और बिना चबाए भोजन करना
- सुबह जल्दी मल त्याग ना करना
- खाना पचने से पहले फिर खाना खा लेना
- रात खाना खाने के बाद तुरंत लेट जाना
- ज्यादा मिर्ची मसाले वाली उत्पादों का इस्तेमाल करना।
कब्ज होने पर 5 याद रखने वाली बातें
- रोजाना रात को 10:00 बजे तक सो जाए
- सुबह जल्दी 5-6 बजे तक बिस्तर छोड़ दे
- रोज 3-4 लीटर पानी जरूर पिएं
- रोजाना शाम को योग या एक्सरसाइज जरूर करें
- भोजन को हमेशा धीरे-धीरे और अच्छी तरह चबाकर खाएं
कब्ज के नुक्सान (Kabj Ke Nuksan)
- कब्ज के कारण अच्छी तरह पेट साफ नहीं होता, जिस कारण चेहरे पर कील मुंहासे होने लगते हैं।
- कब्ज से होने वाले रोग जैसे बवासीर या भगंदर की समस्या हो सकती है।
- पुराने कब्ज के मरीजों को तनाव, चिंता, अस्वाद की समस्या होने लगती है।
- कब्ज के समस्या पुरानी होने पर पुरुषों की प्रजनन क्षमता में कमी आने लगती है।
सवालों के जवाब
Q. क्या रोटी कब्ज का कारण बनती है?
A. गेहूं की रोटी कॉन्स्टिपेशन (Constipation) की समस्या से निजात दिलाने का काम करती है। कब्ज से पीड़ित व्यक्ति को अपने आहार में रोटी जरूर शामिल करनी चाहिए।
Q. कब्ज होने का मुख्य कारण क्या है?
A. पर्याप्त मात्रा में रेशायुक्त भोजन ना करना, ज्यादा देर तक सोते रहना, तंबाकू शराब का अधिक मात्रा में सेवन करना।
Q. कब्ज में कौन सी सब्जी खाएं?
A. पालक, बीन्स, दाल, छोले और मटर में फाइबर अच्छी मात्रा में पाया जाता है। यह फाइबर पाचन तंत्र को सही करने के साथ-साथ कब्ज से छुटकारा दिलाने का काम करता है।
निष्कर्ष
इस आर्टिकल में Kabj Ka ilaj, कब्ज में परहेज, कब्ज से होने वाले रोग, Kabj Me Kya Khaye और पुरानी कब्ज के लक्षण के बारे में बताया है। हमें उम्मीद है कब्ज से संबंधित सारी जानकारी के बारे में आपको पता चल गया होगा। अगर आपको हमारा आर्टिकल अच्छा लगा है, तो आप इसे अपने मित्रों के साथ शेयर जरूर करें। आप हमसे कोई सवाल पूछना चाहते हैं तो आप हमें ईमेल करें।
