बुखार यानी फीवर एक आम बीमारी है इससे हर कोई व्यक्ति अपने जीवन में कई बार पीड़ित होता है। जब कई रोगों के कारण बॉडी का तापमान बढ़ने लगता है तो उसे ज्वर कहा जाता हैं। सिर दर्द, हल्का कंपकंपी, बदन दर्द आदि बुखार के सामान्य लक्षण हैं।
ज्यादातर लोग Bukhar Ka ilaj नहीं कर पाते और बिना प्रिस्क्रिप्शन के दवा ले लेते हैं, इस तरह करना शरीर के लिए हानिकारक हो सकता है। बुखार (Bukhar) लोगों को कम उम्र में प्रभावित करता है।
बुखार आमतौर पर 3 या 4 दिनों में चला जाता है। बुखार होने पर ना सिर्फ बॉडी में कमजोरी आती है, बल्कि ज्यादा समय तक बुखार रहने से दर्द, वजन कम होना, किसी काम में मन ना लगना या कोई दूसरी बीमारियां आपको घेर लेती है। ऐसे में अगर जिन लोगों को बुखार आ जाए तो वह घरेलू तरीके अपनाकर बुखार को कम कर सकते हैं।
बुखार क्या होता है (Fever Kya Hota Hai)
बॉडी का सामान्य तापमान 96 से 99 डिग्री फारेनहाइट होता है। अगर इससे अधिक तापमान बढ़ जाए तो उस स्थिति को फीवर यानी बुखार कहा जाता है। इसे मेडिकल भाषा में हाइपरथर्मिया (Hyperthermia) और पायरेक्सिया (Pyrexia) के नाम से जाना जाता है।
शरीर पर वायरस फंगस बैक्टीरिया रोगजनको से लड़ने के लिए शरीर बढ़ाने लगता है, यह एक सामान्य प्रक्रिया है।हाइपोथैलेमस दिमाग का एक छोटा हिस्सा होता है, यह शरीर के तापमान को नियंत्रण रखने का काम करता है।
ऐसे में जब हमारा शरीर किसी भी प्रकार के संक्रमण के संपर्क में आता है, तो यह उससे लड़ने की प्रक्रिया के रूप में शरीर का तापमान बढ़ाने का काम करता है। मेडिकल साइंस के मुताबिक जब बॉडी का तापमान बढ़ने लगता है, तो यह किसी बीमारी का संक्रमण का संकेत माना जाता है।
बुखार के लक्षण (Bukhar Ke Lakshan)
- सिर दर्द
- ठंड महसूस करना
- पसीना आना
- थकान और सुस्ती
- असवाद और डिप्रेशन
- शरीर के कुछ अंगों में दर्द होना
- भूख ना लगना
- ध्यान केंद्रित करने में समस्या
- बार बार उल्टी आना
- आंखों में दर्द और भारीपन महसूस होना
- किसी काम में मन ना लगना
- डिहाईड्रेशन
- चक्कर आना
- घबराहट
- जोड़ों में दर्द
- चिड़चिड़ापन
- शरीर का अधिक तापमान बढ़ जाना
- शरीर में कमजोरी
- गले में दर्द और खराश
- बुखार के दौरान मुंह में हमेशा कड़वापन रहना
- खांसी सर्दी जुकाम होना
बुखार का इलाज (Bukhar Ka ilaj)
तुलसी का करे सेवन -
तुलसी पोषक तत्वों से भरपूर है, इसका इस्तेमाल आयुर्वेद में बहुत होता है। तुलसी एक एंटीबायोटिक दवाई की तरह काम करती है और इसके सेवन से बुखार तेजी से कम होने लगता है। एक कप पानी में 15-20 तुलसी की पत्तियों और एक चम्मच घिसी हुई अदरक को मिलाकर उबालें, जब आधा कप पानी रह जाए तो इस 1 चम्मच शहद मिलाकर तीन दिन तक दिन में तीन बार पिए।
रखे ठंडे पानी की पट्टियां -
ठंडे पानी में किसी छोटे कपड़े को डुबोकर माथे पर रखे इससे बुखार जल्दी उतरता है। यह घरेलू नुस्खा काफी पुराना है, जिसे आमतौर पर खूब उपयोग किया जाता है। गर्दन पर या माथे पर ठंडा, गीला कपड़ा रखने से बुखार तेज़ी से उतरता है। ठंडे गीले कपड़े को आप तलवों, बगल, हथेलियों, माथे और गर्दन पर रख सकते हैं, क्योंकि बुखार होने के कारण यह शरीर के हिस्से ज़्यादा गर्म हो जाते हैं।
धनिया से करे बुखार का इलाज -
बुखार को कम करने में धनिया काफी मददगार माना जाता है। इसके सेवन से शरीर का तापमान कम होने लगता है। धनिया की चाय बनाने के लिए 1 से 2 कप दूध में चीनी और एक चम्मच धनिया मिला कर अच्छी तरह उबालें। नॉर्मल होने के बाद इसका सेवन कर ले।
कमरे को अधिक गर्म न रखें -
बुखार आने पर ठंड लगने लगती है, जिस कारण मोटी चादर लेकर बिना पंखा चलाए सिर्फ सोने का मन करता हैं। हालांकि, इस दौरान कमरे को अधिक गर्म नही रखना चाहिए। हल्का पंखा जरूर चलाएं इससे शरीर को ठंडक मिलती है। और बुखार उतरने की संभावना बढ़ जाती है।
पुदीने की पत्तियां है लाभकारी -
एक कप पानी को हल्का गर्म करे उसमे एक चम्मच पुदीने की पत्तियां पीसकर मिला ले। 10 से 15 मिनट तक उबाले इस पानी में शहद मिलाकर इसका सेवन करें। यह शरीर को अतिरिक्त गर्मी को कम करने का काम करता है।
हल्दी दूध का करे सेवन -
हल्दी के गुण बुखार कम करने में लाभकारी साबित होते हैं। हल्दी में एंटीफंगल, एंटीवायरल, एंटीऑक्सीडेंट और एंटीबैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं। हल्दी रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी बढ़ाने का काम करती है। एक कप दूध में चौथाई चम्मच काली मिर्च और आधा चम्मच हल्दी पाउडर मिलाकर दिन में 2 बार सेवन करने से बुखार कम करने में मदद मिलती है।
चंदन का करे इस्तेमाल -
ठंडी तासीर का चंदन बुखार व सूजन को कम करने में बहुत मदद करता है। चंदन मन को शांति और शीतलता देने का भी काम करता है, इसके अलावा बुखार होने पर सिरदर्द में भी चंदन राहत पहुंचाता है। आधा चम्मच चंदन के पाउडर में थोड़ा सा पानी मिलाकर गाढ़ा पेस्ट तैयार कर लें और इसे माथे के ऊपर लगाएं।
आराम भी है जरूरी -
अगर आपको हल्का बुखार महसूस होने लगे, जो भी आप काम कर रहे हैं उसे छोड़ दे क्योंकि आपको आराम की ज़रूरत है। बुखार के दौरान आपका शरीर इन्फेक्शन या वायरस या से लड़ रहा होता है। ऐसे में आप काम करने लगेंगे, तो इससे शरीर से गर्मी निकलने लगेगी।
बुखार में हल्के कपड़े पहनें -
बुखार में शरीर का तापमान काफी ज्यादा गर्म हो जाता है, इसलिए हल्के कपड़े पहनें जिससे शरीर को ठंडक मिलती रहे। मोटे या ज़्यादा कपड़े पहन लेने से गर्मी बढ़ेगी और जिसकी वजह से आप असहज महसूस करेंगे।
पानी जरूर पिए -
बुखार कम करने का सबसे अच्छा और आसान तरीका खूब पानी पिएं। पानी पीने से शरीर में मौजूद टॉक्सिन्स बाहर निकल जाते हैं, जिससे डिटॉक्स के साथ इन्फेक्शन भी निकलने लगता है। बुखार में शरीर काफी गर्म हो जाता है, जिस कारण पसीना आता है ताकि शरीर ठंडा हो। लेकिन पसीना आपकी बॉडी में पानी की कमी भी कर सकता है, इसलिए पानी जरूर पिए।
बुखार मे क्या खाना चाहिए (Bukhar Me Kya Khana Chahiye)
बुखार होने के बाद शरीर काफी कमजोर हो जाता है। कुछ खाने पीने का मन नहीं करता और जीभ से टेस्ट उतर जाता है। जिस कारण किसी भी चीज का स्वाद नहीं लगता है। डॉक्टर खिचड़ी का सेवन करने की सलाह देते हैं, लेकिन ज्यादातर लोगों को खिचडी पसंद नहीं होती। क्योकी बुखार के होने पर शरीर में पोषक तत्वों की भारी कमी होने लगती है, ऐसे में हम कुछ चीजों के बारे में बताएंगे जिनका सेवन आप बुखार (Fever) के दौरान करके तेजी से अपने बॉडी में पोषक तत्वों की कमी को पूरा कर सकते है।
चिकेन सूप
चिकेन सूप किसी भी बीमारी में बेहतर डाइट मानी जाती है।आपके शरीर में चिकेन का सूप तरल पदार्थों की कमी को पूरा करने का काम करता है और तापमान को घटाता है। इसके अलावा बॉडी से टॉक्सिन को बाहर निकालने में मदद करता है। सूप में सोडियम पाया जाता है, जो इलेक्ट्रोलाइट्स को बनाने का काम करता है। चिकन सूप में विटामिन, खनिज, कैलोरी और प्रोटीन जैसे पोषक तत्व पाए जाते है।
हरी पत्तीदार सब्जियां
हरी पत्तीदार सब्जियों में मौजूद डाइट्री फाइबर पौष्टिक तत्वों से भरपूर होते हैं। पालक जैसी हरी पत्तेदार सब्जियां कई पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो वायरल फीवर जैसे मौसमी संक्रमणों से लड़ने में काफी मददगार होती हैं।
नारियल पानी
बुखार के दौरान शरीर में पानी की कमी होने लगती है। अपने शरीर को हाइड्रेटेड और मजबूत रखने के लिए नारियल पानी का सेवन बहुत लाभकारी है, इससे शरीर के तापमान को नियंत्रित करने में सहायता मिलती है। नारियल पानी संक्रमण से लड़ने में भी फायदेमंद माना जाता है, नारियल पानी के सेवन से भोजन से प्राप्त जरूरी पोषक तत्वों को कोशिकाओं तक जल्द पहुंचते हैं।
बेसन शीरा
बेसन शीरा खासी, सर्दी, जुकाम और फीवर के लिए काफी हेल्दी खाना साबित होता हैं। ऐसे में बेसन शीरा का सेवन करने से बंद नाक, फीवर और गले की खराश की समस्या आसानी से दूर हो सकती है और आपको खुद को अच्छा महसूस होने लगेगा।
दलिया
बुखार के दौरान दलिया को दुध में डालकर आप खा सकते हैं। दलिया के सेवन से शरीर को प्रोटीन और पोषक तत्व दोनो साथ में मिलतें है। कुछ लोगों को मीठा दलिया पसंद नहीं होता। वह लोग दलिया को नमकीन खिचडी की तरह भी इसे बनाकर खा सकते हैं।
प्रोटीन युक्त आहार
बुखार के दौरान प्रोटीन युक्त आहार का सेवन जरूर करना चाहिए, इससे रोग प्रतिरोधक प्रणाली मजबूत बनती है। कम वसा वाले दही और दुध में काफ़ी मात्रा में प्रोटीन पाया जाता है, इसलिए इनका सेवन ज़रूर करना चाहिएं। अगर आप चाहें तो चाय का सेवन भी कर सकते हैं। उबले अंड़े मे अच्छी मात्रा में प्रोटीन मौजूद होता है, यह सफेद रक्त कोशिकाओं को बढ़ाने का काम करता है।
फलों का जूस
बुखार में सिट्रस (Citrus)युक्त फलों का जूस पीना लाभकारी होता है अंगूर, नींबू, संतरा और मौसमी विटामिन सी (Vitamin C) और एंटी ऑक्सीडेंट्स से भरपूर होते हैं। इन फलों का जूस पीने से इम्यूनिटी बढ़ने लगती है और शरीर को बुखार से लड़ने की ताकत मिलती है।
मूंग दाल
बुखार के दौरान आप दोपहर या रात के समय मूंग दाल की खिचड़ी बनाकर इसका सेवन कर सकते हैं। यह आसानी से पच जाती है और अपच की समस्या भी नहीं होती। बुखार में मूंग दाल की खिचड़ी सबसे अच्छा आहार मानी जाती है।
सूजी उपमा
बुखार के दौरान रोगी को कब्ज की समस्या हो जाती है, जिस कारण उन्हें कोई किसी प्रकार का भोजन अच्छा नहीं लगता है और उन्हें कमजोरी महसूस होने लगती है। ऐसे में उन्हें अपनी डाइट में सूजी का उपमा जरूर शामिल करना चाहिए इससे कब्ज की शिकायत दूर होती है।
ड्राई फ्रूट्स
फीवर की जल्दी रिकवरी के लिए ड्राई फ्रूट्स मददगार साबित होते हैं। ड्राई फ्रूट्स में मौजूद जिंक शरीर को ऊर्जा देने के साथ-साथ बुखार कम करने में मदद करता है। इसके अलावा, ड्राई फ्रूट्स में एंटी-ऑक्सीडेंट्स, विटामिंस और फैट्स जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं, यह पोषक तत्व जो शरीर के लिए बेहद जरूरी माने जाते हैं। आप बुखार में एक गिलास हल्के गरम दूध के साथ अखरोट, पिस्ता, बादाम और काजू जैसे ड्राई फ्रूट्स का सेवन कर सकते हैं।
बुखार में क्या नहीं खाना चाहिए (Bukhar Me Kya Nahi Khana Chahiye)
- शराब
- लाल मीट
- जंक फूड
- कोल्ड ड्रिंक
- पैकेट वाले फूड
- तली खट्टी चीजें
- कॉफी
बुखार होने पर क्या करे (Bukhar Hone Par Kya Kare)
- खाना खाने से पहले हाथों को अच्छी तरह साफ करे
- हमेशा हल्के गर्म पानी का सेवन करें
- केवल छिलके वाले फल और सब्जियों का सेवन करें
- हर्बल चाय का सेवन करें
क्या ना करे (Kya Na Kare)
- ज्यादा ठंडे पानी का सेवन ना करें
- धूम्रपान और शराब का सेवन ना करें
- बुखार के दौरान ज्यादा और भारी भोजन ना खाए
- ज्यादा रात तक ना जागे
- उच्च फाइबर खाद्य पदार्थों का सेवन ना करें
- सड़क के किनारे स्थानों से खाना खाने से परहेज करें हमेशा घर का बना हुआ खाना खाए
सवालों के जवाब
Q. क्या बुखार में चावल खा सकते हैं?
A. बुखार के दौरान चावल खाने से परहेज करना चाहिए।
Q. बुखार में कौन सा पानी पीना चाहिए?
A. बुखार में हमेशा गुनगुना पानी पीना चाहिए या फिर प्यूरीफायर का पानी पीना चाहिए।
Q. बुखार में सेब खाना चाहिए या नहीं?
A. बिल्कुल खाना चाहिए, बुखार के दौरान एक सेब का सेवन कर सकते हैं।
Q. क्या बुखार में नहाना चाहिए या नहीं?
A. ज्यादातर लोग सोचते हैं कि बुखार के दौरान ठंडे पानी से नहीं नहाना चाहिए इसलिए ज्यादातर लोग गर्म पानी से नहा लेते हैं। लेकिन बुखार के दौरान गर्म या ठंडे किसी भी पानी से नहीं नहाना चाहिए।
Q. बुखार में कौन सा फल खाना चाहिए?
A. सेब, अंगूर, नींबू, संतरा, मौसमी
निष्कर्ष
इस आर्टिकल में हमने Bukhar Kaise Hota Hai, तेज बुखार में क्या करना चाहिए और बुखार में क्या खाना चाहिए बुखार उतारने के घरेलू उपाय के बारे में बताया है लेकिन बुखार का घरेलू इलाज करने से पहले आप डॉक्टर से संपर्क जरूर करें।
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